पंतनगर कृषि मेले का उद्घाटन, साथ ही विभिन्न स्टालों का निरीक्षण
रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर) : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में शहद उत्पादन की अधिक संभावनाएं हैं। इसके लिए पंतनगर विवि के वैज्ञानिक किसानों के बीच जाकर प्रोत्साहित और प्रेरित करें तो बहुत जल्द अपना राज्य शहद उत्पादन में हब बनकर उभरेगा। केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही औद्यानिकी के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित कर रही हैं। इसी का प्रतिफल है कि उत्तराखंड में फल उत्पादन में ढाई प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को पंतनगर में थे। उन्होंने पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित कृषि मेले का उद्घाटन, साथ ही विभिन्न स्टालों का निरीक्षण कर के सभागार में किसानों, विद्यार्थियों और वैज्ञानिकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मेले सिर्फ घूमने और खरीदने का माध्यम भर नहीं हँ, बल्कि यहां उनको बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलता है।
प्रधानमंत्री मोदी का भी यही मिशन है कि खेत समृद्ध होगा तो गांव समृद्ध होगा और गांव से देश विकसित होगा। इसके लिए मोदी जी किसान सम्मान निधि लेकर आए, फसलों की एमएसपी में बढ़ोतरी की गई है।
मिट्टी की उर्वरता बढ़े इसके लिए जांच कराई जा रही है। प्राकृतिक खेती पर सरकार जोर दे रही है। पहाड़ों पर वर्षा आधारित खेती को बढ़ावा देने पर लगातार काम हो रहा है। उन्होंने मौनपालन को काफी लाभकारी बताते हुए कहा कि देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में कभी मधुमक्खी पालन के दो बक्से रखे जाते थे, उसी में काफी शहद निकलता था। बाद में उन्होंने इनकी संख्या बढ़वाकर 25-30 बक्से रखवा दिए। उससे तीन बार में करीब पांच सौ किलो शहद निकला। यह तो एक प्रयोग है।
आज शहद उत्पादन में उत्तराखंड़ देश में आठवें स्थान पर पहुंच चुका है। 3300 मिट्रिक टन शहद का उत्पादन हमने एक साल में किया है। इसमें हमारे वैज्ञानिक किसानों को और अधिक प्रेरित करने का काम करेंगे तो राज्य में यह बड़ा उद्योग बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि गन्ने के मूल्य में हमने वृद्धि की है, पड़ोसी राज्य उप्र से पांच रुपए ज्यादा उत्तराखंड सरकार अपने किसानों को मूल्य दे रही है।
मुख्यमंत्री ने महक क्रांति का जिक्र करते हुए उसके तहत दिए जा रहे लाभों के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि उत्तराखंड सरकार महिला समूह, उद्यमियों और स्थानीय किसानों द्वारा निर्मित व उत्पादित उत्पादों को हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड का नाम देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का काम राज्य सरकार कर रही है।