हड्डियों की बढ़ती समस्या पर विशेषज्ञों की रिनोर्ट: हेल्दी आदत ही साबित हो रही विलेन
(आपका स्वस्थ्य) नई दिल्ली : स्वस्थ रहने के लिए हेल्दी डाइड और नियमित व्यायाम की आदत को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सबसे महत्वपूर्ण मानते हैं। शारीरिक रूप से सक्रिय रहना यानी व्यायाम करते रहने और रनिंग-वॉकिंग की आदत आपको क्रॉनिक बीमारियों से बचाए रखने के साथ, हड्डियों और मांसपेशियों से संबंधित समस्याओं को कम करने में मदद करती है। मेंटल हेल्थ को ठीक रखने में भी नियमित व्यायाम की आदत को विशेषज्ञ फायदेमंद मानते हैं।
हालांकि आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि युवाओं में डायबिटीज-हृदय रोग जैसी क्रॉनिक बीमारियों के साथ हड्डियों की समस्याएं जैसे आर्थराइटिस और ऑस्टियोपोरोसिस के केस तेजी से बढ़ रही है। इसके लिए शारीरिक निष्क्रियता तो एक कारण है ही, पर अध्ययनकर्ताओं की टीम ने जिस वजह को जिम्मेदार पाया है वह आपको भी चौंका देगी।
ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी हड्डियों की समस्याओं से बचने के लिए नियमित व्यायाम को सबसे असरदार उपायों में से एक माना जाता है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि आज की युवा पीढ़ी में व्यायाम को लेकर जुनून उनपर ही भारी पड़ रही है। फिट रहने के लिए लोग जिम में हैवी या लंबे समय तक व्यायाम करते रहते हैं, पर ये आदत असल में उनपर उल्टा भारी ही पड़ रही है।
स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम की आदत जरूरी है और फायदेमंद भी, पर जरूरत से ज्यादा व्यायाम या गलत तरीके से व्यायाम आपको फायदे की जगह नुकसान पहुंचाने वाली हो सकती है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि युवा पीढ़ी में फिटनेस और व्यायाम को लेकर अनावश्यक जुनून उन्हें फ्रैक्चर और जोड़ों की समस्याओं जैसे ऑस्टियोआर्थराइटिस का शिकार बनाता जा रहा है।
प्रमुख ऑर्थोपेडिक सर्जनों के शोध से पता चला है कि हाई इंटेंसिटी वाले व्यायाम के कारण घुटने, कूल्हे, पैर और पीठ की चोट औ युवा में हड्डियों से संबंधित समस्याओं में वृद्धि देखी जा रही है।
- क्रॉसफिट और हायरोक्स जैसी कठिन फिटनेस चैलेंज युवा को अनजाने में ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी दिक्कतों को शिकार बनाता जा रहा है।
- ऑस्टियोआर्थराइटिस जोड़ों की एक ऐसी बीमारी है जो समय के साथ बढ़ती जाती है और इसे ठीक नहीं किया जा सकता। यह जोड़ों की सुरक्षा करने वाली कार्टिलेज के घिस जाने के कारण होती है।
ऑस्टियोआर्थराइटिस इसके कारण जोड़ों में दर्द, अकड़न, जोड़ों की हिला पाने में भी कठिनाई और सूजन जैसी समस्या हो सकती है।
- यह अक्सर हाथों, घुटनों, कूल्हों और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करती है।
- आमतौर पर उम्र बढ़ने, जोड़ों में चोट या इसके ज्यादा इस्तेमाल, मोटापा को प्रमुख कारण माना जाता रहा है।
लेकिन अब विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि फिट रहने के चक्कर में 'एक्सरसाइज को लेकर युवाओं का जुनून' उनके शरीर पर जोर डाल रहा है'। हैवी व्यायाम के कारण युवा अपनी हड्डियों पर बहुत ज्यादा दबाव डाल रहे हैं, जिसके कारण दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं।