लाइन में लगकर पर्चा बनवाया, इसके बाद...अधीक्षक को दी सख्त चेतावनी
लखनऊ : उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एक बार फिर औचक निरीक्षण के मोड में आ गए हैं। डिप्टी सीएम ने सोमवार को लखनऊ में सीएचसी चिनहट का निरीक्षण किया। आम मरीज बनकर पहुंचे ब्रजेश पाठक गंदगी और लापरवाही देखकर काफी भड़के। अब इस प्रकरण में गैरजिम्मदारों पर कार्रवाई तय है।
उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक सोमवार को लखनऊ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,चिनहट पहुंचे। उनके इस औचक निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में खलबली मच गई। निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाओं का अंबार देख उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
चिनहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सोमवार को सफाई व्यवस्था, वार्डों की बदहाली और लापरवाही पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भड़क उठे। निरीक्षण के दौरान जनरल वार्ड में कई बेड पर चादर नहीं मिली और अस्पताल परिसर में गंदगी देख उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। डिप्टी सीएम ने जिम्मेदारों को नोटिस देने और सफाई एजेंसी का एक सप्ताह का भुगतान काटने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, तब तक संबंधित अधिकारी घर नहीं जाएंगे।
मरीज बनकर पहुंचे अस्पताल
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सोमवार को अचानक चिनहट सीएचसी पहुंच गए। मुंह पर मास्क लगाकर सबसे पहले पर्चा काउंटर पर मरीजों के बीच जाकर कतार में खड़े हो गए। इस दौरान उन्होंने मरीजों से अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी भी ली। इसके बाद वह पैथोलॉजी विभाग पहुंचे। यहां मरीजों की लंबी कतार लगी थी। उन्होंने टेक्नीशियन से पूछा कि एक मरीज का रक्त नमूना लेने में कितना समय लगता है। जवाब मिलने के बाद उन्होंने जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। ताकि मरीजों को ज्यादा देर तक इंतजार न करना पड़े।
गंदगी और बदइंतजामी पर कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान एक्स-रे कक्ष के आसपास धूल-गर्दा दिखाई दी। इस पर उन्होंने तुरंत सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां रखी अलमारी खोलकर स्टॉक भी जांचा। इसके बाद वह ओपीडी कक्ष नंबर 5 में पहुंचे और डॉक्टर से अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों की संख्या के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शौचालयों की स्थिति भी देखी, जो संतोषजनक नहीं मिली। इस पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। हालांकि फायर एस्टिंग्यूसर सिलेंडर की एक्सपायरी डेट जांचने पर वह सही पाई गई।
पीने के पानी पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान पीने के पानी की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। पानी की पाइप को जाली से बांधकर रखा गया था और आसपास गंदगी थी।
मरीजों से लिया सीधा फीडबैक
मंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद किया। उन्होंने पूछा कि क्या डॉक्टर समय पर आते हैं और दवाइयां मुफ्त मिल रही हैं या नहीं। उन्होंने अधीक्षक को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि मरीजों की सेवा में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एक हफ्ते के भीतर व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।