केंद्र सरकार ने किया 33,660 करोड़ रुपये का आवंटन , BHAVYA का पूरा नाम 'भारत औद्योगिक विकास योजना'
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज ताबड़तोड़ फैसले लिए हैं। इसके तहत कई प्रोजेक्टों को मंजूरी दी गई है। भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) भी उनमें से एक है। औद्योगिक विकास को तेजी देने की दिशा में यह एक अहम कदम है। इस योजना के तहत पूरे देश में 100 'प्लग-एंड-प्ले' औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए 33,660 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इस योजना का मकसद विश्व-स्तरीय औद्योगिक बुनियादी ढांचा तैयार करना, मैन्युफैक्चरिंग की संभावनाओं को खोलना और भारत की ग्रोथ स्टोरी को आगे बढ़ाना है। केंद्रीय कैबिनेट ने आज 54,926 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी।
क्या है BHAVYA योजना?
यह योजना 'प्लग-एंड-प्ले' औद्योगिक इकोसिस्टम उपलब्ध कराएगी। इससे उद्योग अपनी सोच को उत्पादन में बदल सकेंगे। पहले से मंजूर जमीन, तैयार बुनियादी ढांचे और एकीकृत सेवाओं के साथ BHAVYA निवेशकों के लिए प्रवेश की बाधाओं को काफी हद तक कम कर देगी।
BHAVYA योजना के तहत कितने पार्क बनने हैं?BHAVYA योजना के तहत पूरे देश में 100 'प्लग-एंड-प्ले' औद्योगिक पार्क विकसित किए जाने हैं। कैबिनेट ने इसके लिए 33,660 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। इस स्कीम का मकसद अंतरराष्ट्रीय स्तर का औद्योगिक बुनियादी ढांचा तैयार करने के साथ मैन्युफैक्चरिंग की संभावनाओं को खोलना और भारत की ग्रोथ स्टोरी को आगे ले जाना है।
कैसे लागू किया जाएगा?
'राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम' (NICDP) के तहत विकसित 'औद्योगिक स्मार्ट शहरों' की सफलता को आधार बनाते हुए BHAVYA को राज्यों और निजी क्षेत्र के भागीदारों के साथ मिलकर लागू किया जाएगा।
BHAVYA मूल में नियमों को आसान बनाना (डीरेगुलेशन) और व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देना है। इसमें मंजूरी की प्रक्रिया को सरल बनाना, प्रभावी 'सिंगल-विंडो सिस्टम' लागू करना और राज्यों की अगुवाई में निवेशक-अनुकूल सुधार करना शामिल है।