योगी आदित्यनाथ सरकार के नौ वर्ष पूरे, कार्यक्रम में ‘नवनिर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन!
लखनऊ (आनन्द कुमार की रिनोर्ट) : सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। पहले जहां त्योहारों के दौरान भय, तनाव, दंगे और कर्फ्यू का माहौल बन जाता था, वहीं अब नवरात्र और रमजान जैसे महत्वपूर्ण पर्व एक साथ मनाए जा रहे हैं। अलविदा की नमाज और ईद जैसे अवसर भी पूरी शांति से संपन्न हो रहे हैं। कहीं कोई अव्यवस्था देखने को नहीं मिलती। यही बदला हुआ उत्तर प्रदेश है, जहां लोग निर्भय होकर अपने धार्मिक स्थलों पर जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को लोकभवन में अपनी सरकार के नौ वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में नवनिर्माण के 9 वर्ष पुस्तक का विमोचन किया। योगी ने कहा कि अब लोग नए साल या अन्य आयोजनों पर भी धार्मिक स्थलों की ओर जा रहे हैं। प्रदेश में न कोई भय है, न तनाव, न अराजकता और न ही दंगों का खतरा। यह सब सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के कारण संभव हुआ है।
सीएम ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में भर्तियां नहीं होती थीं, क्योंकि सरकार की नीयत साफ नहीं थी और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता था। हमारी सरकार ने 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं, जिनमें 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती शामिल है। पुलिस भर्ती के साथ-साथ प्रशिक्षण क्षमता को भी बढ़ाया गया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि नौ साल पहले प्रदेश की जनता ने ‘मेवा वालों को हटाकर सेवा वालों‘ को मौका दिया। ‘दंगा वालों को हटाकर गंगा वालों‘ को मौका दिया। जनता ने परिवारवाद, तुष्टिकरण और दंगाराज की राजनीति की जगह 'सबका साथ-सबका विकास' के संकल्प को स्वीकार किया। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ की संस्कृति को समाप्त कर ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ के मॉडल को अपनाया। कानून-व्यवस्था में सुधार और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से यूपी आज निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है। पहले निवेशक भयभीत रहते थे। रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, चित्रकूट और अलीगढ़ प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं, जहां ब्रह्मोस मिसाइल जैसे अत्याधुनिक उत्पादों का निर्माण हो रहा है। वर्ष 2027 में भाजपा तीसरी बार जीत की हैट्रिक लगाएगी।
9 नौ साल पहले 30 हजार पुलिस भर्ती के लिए केवल 3 हजार प्रशिक्षण क्षमता उपलब्ध थी। जबकि, 2025 में भर्ती किए गए 60244 पुलिसकर्मियों को प्रदेश के भीतर ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पिछली सरकारों के दौरान उपेक्षित पड़ी पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित किया गया है। कमिश्नरेट प्रणाली को सात जिलों में लागू किया गया है, जिससे शहरी क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और अधिक प्रभावी हुई है। उत्तर प्रदेश बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का एक मजबूत मॉडल बनकर उभरा है।
1.75 लाख से अधिक बेटियों को मिली सरकारी नौकरी
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश में 9 लाख से अधिक सरकारी भर्ती हुईं। इसमें 1.75 लाख से अधिक बेटियों की भर्ती की गईं। स्वयंसेवी समूह की 1.10 करोड़ से अधिक महिलाएं प्रदेश में आजीविका दीदी के रूप में उद्यमी बनकर कार्य कर रहीं हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत अब तक पांच लाख बेटियों की शादी संपन्न कराई जा चुकी है।
जल्द ही पेंशन में वृद्धि करेगी कैबिनेट
सीएम ने कहा कि 1.06 करोड़ से अधिक परिवारों को प्रदेश सरकार 12 हजार रुपये वार्षिक पेंशन उपलब्ध करा रही है। इनके कल्याण के लिए कैबिनेट जल्द ही इसमें वृद्धि का भी निर्णय लेगा। एमएसएमई में तीन करोड़ से अधिक रोजगार, बड़े निवेश के माध्यम से 65 लाख से अधिक नौकरियां उपलब्ध कराईं। सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत अब तक 1.30 लाख से अधिक नए उद्यमी उत्तर प्रदेश में बने हैं। सरकार दो करोड़ से अधिक नौजवानों को टैबलेट देगी, इसमें से 50 लाख युवाओं को टैबलेट दिया जा चुका है।
नौ साल पहले टूटी सड़कें देख यूपी में आने का अहसास होता था : ब्रजेश पाठक
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि नौ साल पहले जिस राज्य से यूपी की सीमा में प्रवेश करते थे, टूटी सड़कें देखकर यूपी आने का अहसास होता था। बिजली का हाल कुछ बुरा था। बिजली इटावा और सैफई जाती थी। बची हुई रामपुर चली जाती थी। रिश्तेदारों के आने पर जनरेटर और इनवर्टर खरीदना पड़ता था। बच्चे स्कूलों में पढ़ने नहीं जाते थे। सरकारी स्कूल में पढ़ने को तैयार नहीं थे। मध्यान्ह भोजन ठेके पर दे दिया गया था। हर जिले में राशन माफिया था। इटावा और मैनपुरी के कई स्कूल में भूसा भर दिया गया था। इंटर कॉलेजों में ठेके पर नकल होती थी। कुछ हजार रुपये देकर मनचाही मार्कशीट मिलती थी।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश की जनता अब भ्रम फैलाने वाली राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। वर्ष 2016-17 का दौर लोगों को आज भी याद है। तब कानून व्यवस्था की स्थिति खराब थी। प्रदेश की पहचान गुंडागर्दी और माफिया थी। निवेशक आने से कतराते थे। पिछली सरकारों में समाज के हर वर्ग के साथ अन्याय हुआ और विकास की रफ्तार थम गई थी। उन्होंने जनता से अपील की कि सपा के पीडीए की धज्जियां उड़ा दें। वर्ष 2047 तक भी सपा सरकार नहीं बनने वाली है। आज जो लोग दलितों और पिछड़ों की बात कर रहे हैं, वे समय के साथ अपना रुख बदलते रहे हैं। आज प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर रोक लगाई गई है।