कोर्ट से केस हारने के बाद स्वप्ना राय सहारा ने शहर को किया खाली
लखनऊ : सुप्रीम कोर्ट में सहारा हाउसिंग कंपनी की अपील खारिज होने के बाद अब एलडीए में सहारा शहर की जमीन पर विधानसभा बनाने की तैयारी तेज हो गई। विधान सभा के साथ ही यहां पर सीएम सचिवालय और मुख्यमंत्री आवास बनाए जाने पर पर मंथन हो रहा है। दूसरी केस हारने के बाद सहारा प्रमुख स्वर्गीय सुब्रत राय सहारा की पत्नी स्वप्ना राय ने सहारा शहर को खाली करना शुरू कर दिया है।
कभी रसूख, चमक-धमक और सत्ता का केंद्र रही लखनऊ की 'सहारा सिटी' अब इतिहास के पन्नों में दफन होने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की मुहर के बाद 170 एकड़ में फैली 'सहारा शहर' अब पूरी तरह खाली किया जा रहा है। आलम यह है कि सहारा प्रमुख दिवंगत सुब्रत रॉय की पत्नी स्वप्ना रॉय को भी अपनी लग्जरी कोठी 'स्वप्ना कुटी' से सामान समेटना पड़ रहा है। पिछले पांच दिनों से ट्रकों और डीसीएम का तांता लगा है, जो दशकों की रॉयल्टी और बेशकीमती सामान को बाहर ले जा रहे हैं।
यहां गूंजेगी लोकतंत्र की आवाज
नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद परिसर को खाली करने के कड़े निर्देश दिए हैं। 16 मार्च को आए ऐतिहासिक फैसले में कोर्ट ने सहारा की लीज खत्म करने के निर्णय को सही ठहराया था। अब इस बेशकीमती जमीन पर उत्तर प्रदेश का भव्य नया विधानभवन आकार लेगा।
पहले हाई कोर्ट, अब सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की याचिका
दरअसल योगी सरकार ने बीते वर्ष ही नगर निगम की ओर से 1994 में दी गई लीज की शर्तों के उल्लंघन का हवाला देते हुए सहारा शहर की लीज रद्द कर दी थी और सहारा शहर पर प्रशासनिक कब्ज़ा कर नगर निगम को सौंप दिया था, जिसके खिलाफ सहारा की ओर से दाखिल की गई याचिका को पहले हाई कोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज कर योगी सरकार के फैसले को सही ठहराया है.
लोकेशन और कनेक्टिविटी बेहतर
अब इस जगह पर UP की नई विधानसभा बनाए जाने का भी रास्ता साफ हो गया है, क्योंकि नई विधान भवन के लिए सरकार पिछले कई सालों से करीब 200 एकड़ जमीन की तलाश में थी. सहारा शहर की जमीन इस जरूरत को पूरा करती नजर आई है. यहां लखनऊ नगर निगम की लगभग 170 एकड़ और एलडीए की करीब 75 एकड़ जमीन मिलाकर कुल 245 एकड़ क्षेत्र उपलब्ध है.