पहले सीने में उतारा खंजर, फिर सीने में उतारीं गोलिया
मुरीदके (इस्लामाबाद) : पाकिस्तान के मुरिदके से एक ऐसी न्यूज आई है जिसने भारत के दुश्मनों के कलेजे कंपा दिए हैं. जिस ‘मरकज तैयबा’ को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा अपना सबसे सुरक्षित किला समझता था, उसी के अंदर घुसकर किसी रीयल लाइफ ‘धुरंधर’ ने खूंखार कमांडर बिलाल आरिफ सलाफी का खेल खत्म कर दिया. जहां आतंकी आका हाफिज सईद और उसके गुर्गे चैन की नींद सोते थे, उसी सेंटर में अज्ञात हमलावरों ने ईद की नमाज के ठीक बाद बिलाल को ‘जन्नत’ का रास्ता दिखा दिया. इस कांड के बाद से पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियां और ISI गहरे सदमे में हैं, क्योंकि अब आतंकियों के घर में घुसकर उन्हें मारा जा रहा है.
नमाज खत्म होते ही आतंकवादी खत्म मरकज तैयबा लश्कर का वो हेडक्वार्टर है जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता. यहीं पर आतंकवादी बिलाल आरिफ सलाफी मारा गया. दावा किया जा रहा है कि आतंकियों को ट्रेनिंग देने वाली इस बिल्डिंग में बाहर का कोई शख्स घुस नहीं सकता है. ऐसे में शक है कि कोई नमाज के वक्त अंदर ही मौजूद था और जैसे ही नमाज पूरी हुई वैसे ही हमलावर ने बिलाल आरिफ सलाफी को घेर लिया और उसे वहीं मार दिया. हमलावर ने पहले गोलियां दागीं फिर उसके पूरी तरह खत्म करने के लिए चाकू से गोदा. जब पक्का हो गया कि ये आतंकवादी अब कभी नहीं उठ सकता तभी ये हमलावर हवा में गायब हो गया. पाकिस्तान के टॉप आतंकी और एजेंसियां मिलकर भी उसे ढूंढ़ नहीं पा रही हैं.
कौन था बिलाल आरिफ सलाफी? बिलाल लश्कर-ए-तैयबा का वो चेहरा था जो पर्दे के पीछे रहकर भारत के खिलाफ जहर उगलता था. वो नए आतंकियों को फिदायीन हमले और हथियारों की ट्रेनिंग देने का मास्टरमाइंड था. उसे हाफिज का ‘राइट हैंड’ माना जाता है, जो लश्कर की टॉप लीडरशिप और इस्टैब्लिशमेंट के करीब रहकर युवाओं को बरगलाता था. बताया जाता है कि कश्मीर से लेकर दिल्ली तक अशांति फैलाने के कई ऑपरेशन के पीछे बिलाल का ही दिमाग चलता था.
पाकिस्तान में कौन चला रहा आतंकियों का सफाई अभियान पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों से एक अजीबोगरीब ‘सफाई अभियान’ चल रहा है. लश्कर, जैश और हिजबुल के बड़े-बड़े कमांडर एक-एक करके ‘कुत्ते की मौत’ मारे जा रहे हैं. बिलाल की हत्या ने आतंकी कैंपों में यह खौफ पैदा कर दिया है कि अब उनके अपने घर में ही कोई ‘विभीषण’ बैठा है या फिर ‘अज्ञात हमलावर’ उनके बेडरूम तक पहुंच चुके हैं.